ये शे'र जिसने भी लिखा, बहुत ख़ूब लिखा................


क्या बताऊँ

मेरे देश के नेता

किन हालात में हैं


कुछ हवा में हैं,

कुछ हवाले में हैं,

कुछ हवालात में हैं


__________
ये शे' जिसने भी लिखा

__________
बहुत ख़ूब लिखा................

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मेरी बधाई .........मेरा नमन !

3 comments:

S B Tamare September 8, 2009 at 9:05 AM  

You have written very well!
Your frill-less blog hits direct to one’s heart that quality has constrained me to be follower. As more to say that your postings are likewise. I really turned to be your admirer. Thanks a lot.

राजीव तनेजा September 8, 2009 at 10:26 AM  

बहुत ही बढिया...सच्चाई से भरा हुआ शेर है...मेरा भी नमन इसके रचनाकार को

Swapnil September 8, 2009 at 10:41 AM  

सुंदर् रचना.
सिर्फ़ 10 साल मे बना लेगा मानव मस्तिष्क!

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