जल बचाओ ! जग बचाओ !

जल रहेगा

तो जग रहेगा


जग रहेगा

तो हम रहेंगे


हम रहेंगे

तो हमारी संस्कृति रहेगी


संस्कृति रहेगी

तो संस्कार रहेगा


संस्कार रहा

तो आस्था भी रहेगी


_______________ये दोनों रहेंगे

___________तभी तो बाबा रामदेव

__________ कपालभाति और अनुलोम विलोम

__________सिखा पायेंगे


इसलिए हे प्रियजनों !

जल बचाओ !

जग बचाओ !

4 comments:

समयचक्र September 7, 2009 at 7:39 AM  

बहुत सुन्दर प्रेरक रचना . बधाई .

Udan Tashtari September 7, 2009 at 5:58 PM  

बेह्तरीन शेर...आपका स्वागत है हिन्दी ब्लॉगजगत में.

अविनाश वाचस्पति September 8, 2009 at 4:41 AM  

बतला सकते हैं

पर भगवान सहमति
देंगे

तभी बतलायेंगे।

राजीव तनेजा September 8, 2009 at 10:27 AM  

:-)

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