आओ, आपने पुरखों को श्रद्धान्जलि दें हम

हर दिन की भान्ति आज का दिन भी नई ऊर्जा ,
नई स्फूर्ति और नया उत्साह लाया है

गणेशजी का उत्सव संपन्न हुआ अब हमारे पितृपक्ष का प्रारम्भ हुआ है


यह समय अत्यन्त पवित्र और धार्मिक विधि विधान वाला होने के कारण

इस पूर्ण पक्ष अर्थात 15 दिनों में हम से कोई ऐसा काम हो जाए

जिस से हमारे पूर्वजों की आत्मा को दुःख पहुंचे


तन मन और धन की शुद्धता बनाए रखें हम

आओ, आपने पुरखों को श्रद्धान्जलि दें हम

1 comments:

डॉ.सुभाष भदौरिया. September 4, 2009 at 10:33 PM  

મારા વ્હાલા ગુજરાતી ભાઈ મુકેશભાઈ હિન્દી માં આપ ને બ્લાગ લખતા ખૂબજ આનંદ થયો.
हमारे गुजरात से हिन्दी भाषा को हाइर सेकेन्डरी से भले निकाल दिया गया हो उसे गौण कर दिया गया हो पर हमारे दिलों में उसका स्थान अभी भी है.हिन्दी जन जन को जोड़ने वाले वाली भाषा है आप अपने ज्ञान के साथ राष्ट्रभाषा हिन्दी का प्रचार कर स्तुत्य कार्य कर रहे हैं.बधाई

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